Spiga

टिप्पणी में Virus तो नही ?

मुझे पिछले कुछ दिनों से अपने विभ्न्नि ब्‍लागों पर अनचाही टिप्‍पणी मिल रही है, जिसमें एक लिंक दिया होता है। मैने उसे खोलने की जहमत तो नही उठाई किन्‍तु यह परेशानी का एक सबब जरूर बन रहा है क्‍योकि हो सकता है कि यह कोई वाईरस हो ? और कोई पाठक अन्‍जाने में इसे न खोल से, जानकार भाईयों से अनुरोध है कि बारे में उचित राय देने का कष्‍ट करें। वह टिप्‍पणी लिंक सहित यहॉं इस लिये नही दे रहा हूँ ताकि किसी पाठक को कोई नुकसान न पहुँचे।  कृपया उचित मार्गदर्शन करें।

 

यहां पर वे लेख है जहॉं पर वह टिप्‍पणी है -

 

Levis - एक बार देखोगें तो देखते रह जाओंगें

 

क्या अंडे तथा मशरूम शाकाहार हैं?

 

खुशरूबाग - khushuru bag

8 टिप्पणियाँ:

  आशीष

28 February, 2008 14:33

भाई साहब अभी अभी मैं भी इसका शिकार बना हुआ, शु‍क्र है हमारे यहां की व्‍यवस्‍था था जिसके कारण बच गया

  anuradha srivastav

28 February, 2008 15:03

ये तो खतरनाक है।

  mahashakti

28 February, 2008 15:13

आशीष भाई और अनुराधा बहन

मुझे भी कुछ ऐसा ही जान पड़ रहा था, किन्‍तु इसका हल क्‍या है ?

  Rohit Tripathi

28 February, 2008 15:44

Yeh ek virus to nahi hai lekin yeh aapko ek porn site par redirect karega jaha par virus ki sambhawana 90% badh jati hai. aap apne blog par spam blocker lagaye, aur jaha tak mai samajhta hu yeh koi jan bhoojhkar aisa kar raha hai. Rohit Tripathi

  mamta

28 February, 2008 16:15

उफ़ अब अगर टिप्पणी मे भी virus आने लगा तब तो बड़ी ही मुश्किल है।

  सागर नाहर

28 February, 2008 16:30

ज्यादा अच्छा है कि इस तरह की टिप्पणियों (जिन पर जरा भी संशय हो) को सीधे कचरे के डिब्बे का रास्ता दिखा दिया जाये।
हमारे वर्डप्रेस.कॉम [:)] में बढ़िया सुविधा है कि इस तरह की टिप्पणीयों को सीधे स्पम बॉक्स के हवाले कर दिया जाता है और इसी के चलते मेरी पोस्ट बेऑबॉब पर कम से कम दो हजार टिप्पणीयां आई होगी पर प्रकाशित एक भी नहीं हुई। :)

  Udan Tashtari

28 February, 2008 20:48

थोड़ा बच कर चलना उचित है भाई.

  Dr.Parveen Chopra

28 February, 2008 21:03

प्रमेन्द्र प्रतापसिंह जी , आप इतनी सी बात भी नहीं समझे.....इस का मतलब है कि आप खूब पापुलर हो चुके हैं।
...सिंह साहब, टैक्नालाजी के बारे में काला अक्षर भैंस बराबर ही है अपना ज्ञान...इसलिए इस सीरियस से मामले में मैंने सोचा थोड़ा हंसी -ठ्ट्ठा ही डाल दूं..बोलिये , कैसी रही। वैसे बहुत से टैकनो लोजी के पंडित भरे हुये हैं हिंदी बोलगजगत में ...कोई न कोई तो आप की इस मुशिक्ल को सुलटा ही देदेगा.....लेकिन देखूं कहीं कोई मेरे टिप्णी बाक्स से भी तो मसकरी नहीं कर रहा।