


अभी कुछ देर पूर्व एक पोस्ट पढ़ी काफी अच्छा लगा किन्तु एक बात की झेप लग रही थी। कि अनूप जी ने भी अपनी श्रीमती जी को चित्र दिखाकर हँसा लिये और ज्ञान जी भी, किन्तु बचे तो हम। अब खुद ही सोचिऐ कि अपने उपर खुद ही हँसे तो क्या हँसे? या फिर कह सकते है कि देख निक्कमें को कि इसके साथ कोई हूँसने वाला भी नही है। काश हमारे पास भी एक श्रीमती होती तो वो भी हमारे चित्र को देख कर हँसी कि हम भी ब्लागगीरी में कितने ऊँचे स्थान पर पहुँच गये है। अब अपने कारनामें हम बताये तो किसे बताऐं और दिखकर हँसाये तो किसे हँसाऐं?
खैर इस होली में एक श्रीमती खोजने जा रहा हूँ ताकि अगली बार होली में हँसने वाला साथ हो :)
चलते चलते ....
मै सच बोल रहा था,
यार मुझे नशे में समझ रहे थे।
वो भूल जाते है कि
सच्चाई ज्यादातर नशे में निकलती है।
नशे में होने पर,
आपनी बीवी भाभी जी और
यार की बीवी जी अपनी बीवी नज़र आती है।
मै सच बोल रहा था,
यार मुझे नशे में समझ थे।
आप सभी को होली की बहुत बहुत सुभकामानाऍं।
चित्र साभार तरकश डाट काम
11 टिप्पणियाँ:
23 March, 2008 12:00
इतनों में भी आपको कोई पसन्द नहीं आई..? कमाल है। :)
मिल जाये तो हमें भी सूचित करियेगा.. और मिठाई का डिब्बा भी भेज दीजियेगा।
23 March, 2008 12:02
शुभकामनायें।
23 March, 2008 12:08
भारतवर्ष में लड़के को भी विवाह के लिये लड़की तलाशनी पड़े? क्या मजाक है या है घोर कलियुग! :)
23 March, 2008 12:14
हमरी शुभकामनाएं लई लो भैया!!
23 March, 2008 13:57
achha laga
23 March, 2008 16:26
भाई भोजाई मिल जाये तो हमे भी थोडे लड्डु भेज देना,हमारी शुभ्कामनंए
24 March, 2008 02:30
प्रमेन्द्रजी,
अच्छा किया जो समय से खोज प्रारम्भ कर दी है ।
ज्ञानजी की बात पूरी तरह से नजरअंदाज की जाये, उन्हें बदले जमाने का अहसास नहीं है :-)
24 March, 2008 08:37
प्रमेंद्र भाई,आप लगे रहिए श्रीमती जी अवश्य मिलेंगी.वीर तुम बढ़े चलो.अभी तो आपके शहर मे होली का माहौल होगा ही सो मेरी शुभामनाएँ.
24 March, 2008 15:31
मिली की नहीं :D
24 March, 2008 15:56
भाई पहले तो होली मुबारक और दूसरे भगवान आपकी तलाश जल्द ही पूरी करें ।
24 March, 2008 16:30
खोजिये..खोजिये...कुछ मदद चाहिये हो तो बतला देना..देखो, शरमाना मत..होली है!!!
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